आज मैंने मन की ऊँगली पकड़ कर और मन ने मेरी ऊँगली पकड़ उधर गए जहाँ डर की बंदिशें थीं ... आज मैंने मन की ऊँगली पकड़ कर और मन ने मेरी ऊँगली पकड़ उधर गए जहाँ डर की...
तेरी जुदाई तो मुझसे सहन नहीं होगी, मेरे हिस्से का ग़म मुझे सहने दे मनमीत तेरी जुदाई तो मुझसे सहन नहीं होगी, मेरे हिस्से का ग़म मुझे सहने दे मनमीत
ना कोई बेरंग रहे इस होली। ना कोई बेरंग रहे इस होली।
मुझमें मेरा तुझमें तेरा ध्यान कहां लग पायेगा मुझमें मेरा तुझमें तेरा ध्यान कहां लग पायेगा
ये हकीकत है कि क्यों दुनिया है खफा मुझसे मैंने देखी ही नहीं। ये हकीकत है कि क्यों दुनिया है खफा मुझसे मैंने देखी ही नहीं।
राधा के मन को जो थी लुभाती वो मधुर दर्द श्याम की बांसुरी गाती। राधा के मन को जो थी लुभाती वो मधुर दर्द श्याम की बांसुरी गाती।